कृष्ण का चिर साथ होगा



भविष्य के गर्त में क्या होगा ?

यह मुझे नहीं पता

मेरा रास्ता मेरा अभी 

मेरा अनमोल वर्तमान है

जहाँ दुख - सुख , लाभ - हानि

जय - पराजय , यश - अपयश 

इन सबका भार नहीं है

मेरे सारथि मेरे कृष्ण 

एक ऐसे साथ है  

जिन्होंने हर दुविधाओं में

मुझे मार्ग दिखाया है

अतीत के क्षणों का दुख नहीं

भविष्य के गह्वर लोक की फ्रिक नहीं

कर्म समर्पित हो , नेह की रीत हो

अब चाहे जो भी , और जैसा भी हो

समान भाव स्वीकार की मुस्कान होगी

विचलन की हार न होगी , सत् का नाम 

और हिये में सिर्फ और सिर्फ कृष्ण का चिर साथ होगा ।

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